
शहडोल
जिले
के
ब्यौहारी
वन
परिक्षेत्र
में
लगभग
20
जंगली
हाथी
एक
महीने
से
विचरण
कर
रहे
हैं।
हाथियों
ने
अब
तक
कई
किसानों
की
दर्जनों
एकड़
फसल
को
तबाह
कर
दिया
है।
खलिहानों
में
रखे
अनाज
को
भी
हाथी
खा
गए
हैं।
ग्रामीणों
की
सुरक्षा
के
साथ-साथ
जंगली
हाथियों
की
भी
सुरक्षा
सुनिश्चित
करने
के
लिए
वन
विभाग
लगातार
प्रयास
कर
रहा
है।
बीते
दिनों
शहडोल
और
सतना
की
सीमा
पर
एक
जंगली
हाथी
की
करंट
लगने
से
मौत
हो
गई
थी।
इस
घटना
के
बाद
वन
विभाग
और
अधिक
सतर्क
हो
गया
है।
जंगली
हाथियों
के
मूवमेंट
वाले
क्षेत्रों
में
पहले
से
ही
बिजली
बंद
करवाई
जा
रही
है।
हाथियों
की
निगरानी
के
लिए
विभाग
अब
ड्रोन
का
भी
इस्तेमाल
कर
रहा
है।
बताया
गया
कि
ब्यौहारी
वन
परिक्षेत्र
के
सेहरा
जंगल
में
जंगली
हाथियों
की
लोकेशन
मंगलवार
सुबह
मिली
है।
वन
विभाग
के
वरिष्ठ
अधिकारियों
के
मुताबिक
बीती
रात
हाथी
घने
जंगल
के
भीतर
चले
गए
थे,
लेकिन
ड्रोन
कैमरे
की
मदद
से
उनकी
लोकेशन
का
पता
चला।
ड्रोन
में
18
हाथी
दिखाई
दिए,
जो
बुढ़वा
क्षेत्र
के
सेहरा
जंगल
में
विचरण
कर
रहे
हैं।
आसपास
के
गांवों
में
वन
विभाग
की
टीम
ने
मुनादी
कर
ग्रामीणों
को
सतर्क
रहने
और
जंगल
की
ओर
न
जाने
की
सलाह
दी
है।
ड्रोन
कैमरे
से
हाथियों
का
मूवमेंट
देखकर
बिजली
की
आपूर्ति
कटवाई
जा
रही
है।
एसडीओ
फॉरेस्ट
रेशम
सिंह
धुर्वे
ने
बताया
कि
रामपुरवा,
बुढ़वा,
मऊ
सहित
आधा
दर्जन
से
अधिक
गांवों
में
बिजली
बंद
करवा
दी
गई
है।
हाथियों
के
मूवमेंट
वाले
क्षेत्र
में
बिजली
आपूर्ति
बंद
रखने
का
निर्णय
लिया
गया
है,
ताकि
करंट
लगने
जैसी
घटनाओं
को
रोका
जा
सके।
ग्रामीणों
ने
बताया
कि
हाथियों
के
मूवमेंट
से
वे
काफी
परेशान
हैं।
खेतों
में
लगी
फसल
को
हाथी
नष्ट
कर
रहे
हैं,
खलिहानों
में
रखा
अनाज
भी
खा
रहे
हैं।
अब
रात
में
भी
अंधेरे
में
रहना
पड़
रहा
है।
हालांकि,
वन
विभाग
हाथियों
को
करंट
से
बचाने
और
किसी
घटना
को
रोकने
के
लिए
सही
कदम
उठा
रहा
है,
लेकिन
इस
स्थिति
से
ग्रामीणों
को
बड़ी
मुसीबत
का
सामना
करना
पड़
रहा
है।