
कर्मचारी
चयन
मंडल
आयोग
(MPESB)
द्वारा
जारी
किए
गए
रिजल्ट
से
अभ्यर्थी
संतुष्ट
नहीं
हैं।
सोमवार
को
प्रदेश
भर
के
अभ्यर्थी
कर्मचारी
चयन
मंडल
आयोग
(MPESB)
कार्यालय
के
बाहर
पहुंचकर
जमकर
हंगामा
किया।
उनका
कहना
है। परसेंटेज
बेसिस
पर
हमको
मालूम
नहीं
चल
रहा
है
हमने
क्या-क्या
गलती
की
है
जिसकी
वजह
से
हमारा
सिलेक्शन
नहीं
हुआ,वन
विभाग
की
एक
परीक्षा
में
अभियार्थी
को
100
में
से
101
परसेंट
मिले
हैं।
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परसेंटाइल
मार्क्स
की
आड़
में
धोखा
देना
बंद करें
अभ्यर्थियों
ने
मांग
की
है
कि
परसेंटाइल
मार्क्स
की
आड़
में
धोखा
देना
बंद
किया
जाए
और
नॉर्मलाइज्ड
मार्क्स
भी
दिखाए
जाएं।
वहीं
कुछ
छात्रों
ने
यह
भी
कहा
कि
सरकार
ने
1200
पद
खाली
हैं।
लेकिन
660
पोस्ट
निकाले,
उसमें
सिर्ल
32
पद
लड़कों
के
लिए
भीख
जैसी
डाल
दी।
दरअसल,
परसेंटेज
बेसिस
पर
रिजल्ट
घोषित
करने
पर
अभ्यर्थी
संतुष्ट
हैं।
उनका
कहना
है
कि
परसेंटेज
बेसिस
पर
मालूम
नहीं
चल
रहा
है
उन्होंने
क्या-क्या
गलती
की
है।
जिसकी
वजह
से
सिलेक्शन
नहीं
हुआ।
वन
विभाग
की
एक
परीक्षा
में
अभ्यर्थी
को
100
में
से
101
परसेंट
मिले
हैं।
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यह
भी
पढ़ें-सीएम
डॉ.
यादव
बोले-कर्मचारियों
की
कर्तव्यनिष्ठा
से
ही
प्रदेश
बना
अग्रणी
राज्य
नॉर्मलाइज्ड
मार्क्स
दिखने
चाहिए
रौशनी
विश्वकर्मा
ने
कहा
कि
उन्हें
क्लियर
रिजल्ट
दिया
जाए।
इन
लोगों
की
मनमर्जी
अब
नहीं
चलेगी।
पहले
सिर्फ
नाम
बता
दिया
जाता
था।
लेकिन
अब
नॉर्मलाइज्ड
मार्क्स
दिखने
चाहिए
जैसा
रेलवे
बोर्ड
करता
है।
प्रदर्शनकारी
छात्रों
ने
इस
दौरान
महिला
पर्यवेक्षक
पदों
में
वृद्धि
की
भी
मांग
की।
यह
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मोदी
31
मई
को
आएंगे
एमपी,
भोपाल
में
देवी
अहिल्या
के
जन्मोत्सव
के
कार्यक्रम
में
करेंगे
सहभागिता
32
पद
लड़कों
के
लिए
भीख
की
तरह
डाल
दिए
इसी
तरह
एक
छात्र
ने
कहा
कि
1200
पद
खाली
हैं।
660
पोस्ट
में
से
सिर्फ
32
पद
लड़कों
के
लिए
भीख
की
तरह
डाल
दिए।
सिर्फ
पैसा
कमाने
के
लिए
सरकार
यह
कर
रही
है।
यह
सब
बंद
किया
जाए”