
मध्यप्रदेश
की
राजनीति
में
ऐतिहासिक
क्षण
आने
वाला
है,
जब
आजादी
के
बाद
पहली
बार
इंदौर
के
राजवाड़ा
स्थित
गणेश
हॉल
में
होलकर
रियासत
की
परंपरा
अनुसार
कैबिनेट
बैठक
आयोजित
की
जाएगी।
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
की
अगुवाई
में
होने
वाली
यह
बैठक
शासन
और
संस्कृति
का
अनोखा
संगम
बनकर
सामने
आएगी।
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दरबार
जैसी
सजेगी
कैबिनेट
बैठक
राजवाड़ा
के
गणेश
हॉल
को
होलकर
शासनकाल
की
तर्ज
पर
सजाया
गया
है।
मुख्यमंत्री
और
मंत्री
परिषद
के
सदस्य
पारंपरिक
अंदाज
में
पटियों
और
गद्दों
पर
बैठेंगे।
ठीक
उसी
तरह
जैसे
1945
में
अंतिम
बार
होलकर
राजाओं
का
दरबार
यहां
सजा
था।
सिंह
की
आकृति
वाले
पारंपरिक
लोट,
रंग-रोगन
से
चमकती
भगवान
गणेश
की
प्रतिमा,
और
दीप
प्रज्वलन
से
बैठक
का
शुभारंभ
होगा।
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एलसीडी
और
फ्लैक्स
से
भरेगा
गौरव
का
अहसास
बैठक
स्थल
पर
चार
छोटी
और
एक
बड़ी
एलसीडी
स्क्रीन
लगाई
गई
हैं।
दीवारों
पर
देवी
अहिल्याबाई
होलकर
और
उनके
ससुर
मल्हार
राव
होलकर
के
सुशासन
को
दर्शाते
होर्डिंग-फ्लैक्स
लगाए
गए
हैं।
इसमें
अहिल्याबाई
की
नारी
सशक्तिकरण
और
मल्हार
राव
की
वीरता
को
उकेरा
गया
है।
महिला
सशक्तिकरण
और
मालवा
की
संस्कृति
पर
विशेष
फोकस
मंत्री
कैलाश
विजयवर्गीय
ने
बताया
कि
इस
ऐतिहासिक
बैठक
के
माध्यम
से
महिला
सशक्तिकरण
का
संदेश
देना
और
मालवा
की
सांस्कृतिक
विरासत
को
उजागर
करना
सरकार
का
उद्देश्य
है।
बैठक
का
स्वरूप
होलकर
कालीन
परंपरा
के
अनुरूप
तय
किया
गया
है,
जिसमें
मुख्यमंत्री
डॉ.
मोहन
यादव
का
मार्गदर्शन
लिया
गया।
पहली
मंजिल
पर
होगी
भोजन
व्यवस्था
कैबिनेट
बैठक
के
बाद
मंत्रियों
और
अधिकारियों
के
लिए
भोजन
की
व्यवस्था
भी
राजवाड़ा
परिसर
में
ही
की
गई
है।
गणेश
हॉल
के
ऊपर
स्थित
हॉल
में
कुर्सियों
पर
बैठकर
पारंपरिक
भोजन
परोसा
जाएगा।
पूरी
इमारत
को
30
से
ज्यादा
एसी
और
दो
दर्जन
जनरेटर
से
लैस
किया
गया
है
ताकि
बिजली
आपूर्ति
में
कोई
व्यवधान
न
आए।
गोपाल
मंदिर
गली
में
25
पारंपरिक
व्यंजन
स्टॉल
इंदौर
की
पहचान
को
उजागर
करने
के
लिए
गोपाल
मंदिर
वाली
गली
में
25
पारंपरिक
व्यंजनों
के
स्टॉल
लगाए
जाएंगे।
वहीं,
सराफा
चौपाटी
पर
भी
मेहमानों
के
लिए
खास
व्यंजन
प्रस्तुत
किए
जाएंगे।
पूरे
क्षेत्र
में
सुरक्षा
के
कड़े
इंतजाम
किए
गए
हैं।
प्रेस
ब्रीफिंग
और
सुरक्षा
के
खास
इंतजाम
राजवाड़ा
के
बाहर
पीएम
और
सीएम
के
कटआउट
लगाए
गए
हैं।
यहीं
प्रेस
ब्रीफिंग
के
लिए
विशेष
केबिन
बनाया
गया
है।
सुरक्षा
के
लिए
तैनात
कर्मी
केवल
अधिकृत
लोगों
को
ही
अंदर
प्रवेश
देंगे।
बाहर
मुख्य
द्वार
के
पास
अधिकारियों
के
लिए
एक
डोम
भी
तैयार
किया
गया
है।
अहिल्या
उद्यान
को
भी
संवारा
गया
कैबिनेट
बैठक
से
पहले
मुख्यमंत्री
और
मंत्रीगण
अहिल्याबाई
की
प्रतिमा
पर
माल्यार्पण
करेंगे।
इसके
लिए
राजवाड़ा
परिसर
और
अहिल्या
उद्यान
को
विशेष
रूप
से
सजाया
गया
है।
पत्थरों
और
मूर्तियों
की
पॉलिश
के
साथ-साथ
बारिश
के
मद्देनजर
जल
निकासी
और
अन्य
व्यवस्थाएं
भी
सुनिश्चित
की
गई
हैं।
ऐतिहासिक
दिन:
20
मई
को
लोकतंत्र
का
दरबार
20
मई
2025
को
जब
गणेश
हॉल
में
मंत्रिमंडल
की
बैठक
होगी,
तो
वह
केवल
प्रशासनिक
नहीं,
बल्कि
इतिहास
और
संस्कृति
का
जीवंत
उत्सव
होगी।
यह
वही
हॉल
है
जहाँ
1945
में
आखिरी
बार
होलकर
सरकार
का
दरबार
सजा
था,
अब
80
साल
बाद,
फिर
से
सजेगा
लोकतंत्र
का
दरबार।