सत्ता
का
संग्राम
–
फोटो
:
अमर
उजाला
विस्तार
लोकसभा
चुनाव
2024
को
लेकर
अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
‘सत्ता
का
संग्राम’
मतदाताओं
का
सियासी
मूड
जानने
निकला
है।
जो
कल
तीन मई
यानी
शुक्रवार
को
मध्यप्रदेश
के
विदिशा लोकसभा
क्षेत्र
में
पहुंचेगा।
इसमें
हम
आप
तक
लोकसभा
क्षेत्र
की
असल
तस्वीर
सामने
रखेंगे।
यहां
के
मतदाताओं
की
उम्मीदें
क्या
हैं
और
प्रत्याशी
किन
मुद्दों
को
लेकर
वोटरों
के
बीच
जा
रहे
हैं।
इसी
के
तहत
सुबह
चाय
पर
चर्चा
की
जाएगी।
फिर
दोपहर
को
मतदाताओं
के
मन
की
बात
जानने
की
कोशिश
की
जाएगी।
अंत
में
राजनीतिक
दलों
के
नेताओं
से
सवाल-जवाब
होंगे।
हर
दिन
जानेंगे
नई
लोकसभा
सीट
का
मिजाज
चुनावी
यात्रा
के
दौरान
अमर
उजाला
का
यह
चुनावी
रथ
हर
रोज
नई
लोकसभा
सीट
पर
जाएगा।
इस
दौरान
उस
लोकसभा
निर्वाचन
क्षेत्र
के
मतदाताओं
से
चाय
पर
चर्चा
होगी।
अनौपचारिक
बातचीत
में
जनता
के
मुद्दों,
उनकी
समस्याओं
पर
चर्चा
होगी।
हम
युवाओं
के
बीच
जाएंगे,
जहां
उनकी
समस्याओं
और
उम्मीदों
पर
चर्चा
करेंगे।
नए
भारत
के
नए
मतदाताओं
की
सपनों
की
उड़ान
को
पंख
कैसे
लगेंगे,
इस
पर
भी
चर्चा
करेंगे।
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मध्यप्रदेश
में
होने
जा
रहे
तीसरे
चरण
के
मतदान
के
बीच
अमर
उजाला
का
चुनावी
रथ
सत्ता
का
संग्राम
शुक्रवार
को
प्रदेश
के
विदिशा
नगर
में
पहुंचने
वाला
है।
बता
दें
कि
इस
शहर
का
नाम
यहां
बहने
वाली
विदिशा
नदी
के
नाम
पर
ही
पड़ा
है।
दरअसल,
विदिशा
शहर
दो
नदियों
के
संगम
पर
बसा
हुआ
है,
और
इन्हीं
में
से
एक
नदी
का
प्राचीन
नाम
वैस
था,
जिसे
अब
विदिशा
नदी
के
नाम
से
ही
बोला
जाने
लगा
है।
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वहीं,
इस
बार
विदिशा
लोकसभा
सीट
काफी
हाई
प्रोफाइल
होकर
लगातार
चर्चा
में
बनी
हुई
है। क्योंकि
यहां
से
इस
बार
प्रदेश
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
शिवराज
सिंह
चौहान
को
भारतीय
जनता
पार्टी
ने
मुख्यमंत्री
पद
से
हटाकर
अपना
प्रत्याशी
बनाया
है।
बता
दें
कि
शिवराज
सिंह
चौहान
की
छवि प्रदेश
में
महिलाओं
के
लिए
भैय्या
और
युवाओं
के
लिए
मामा
की
बनी
हुई
है,
जिसे
विदिशा
ही
नहीं
पूरे
प्रदेश
के
मतदाताओं
के
मन
से
मिटाना
फिलहाल
कांग्रेस
के
लिए
मुश्किल
काम
दिख
रहा
है।
वहीं,
कांग्रेस
ने
इस
सीट
से
भानु
प्रताप
शर्मा
उर्फ
गुड्डू
शर्मा
को
अपना
प्रत्याशी
बनाया
है,
जो
की
एक
साफ
सुथरी
छवि
के
नेता
माने
जाते
हैं,
एवं
उनका
स्थानीय
लोगों
में
अच्छा
होल्ड
भी
रहा
है।
हालांकि,
इस
सीट
पर
हुए
1984
के
आम
चुनाव
के
बाद
से
लेकर
आज
तक
कांग्रेस
को
लोकसभा
में
प्रतिनिधित्व
नहीं
मिल
पाया
है। क्योंकि
यह
सीट
बीजेपी
और
जनसंघ
का
गढ़
मानी
जाती
रही
है तो
वहीं
इस
सीट
से
पूर्व
प्रधानमंत्री
अटल
बिहारी
वाजपेई
और
पूर्व
विदेश
मंत्री
सुषमा
स्वराज
जैसे
दिग्गज
नेता
भी
जीत
हासिल
कर
चुके
हैं।
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वहीं,
प्रदेश
के
पूर्व
मुख्यमंत्री
शिवराज
सिंह
चौहान
लगातार
इस
सीट
से
पांच
बार
विधानसभा
चुनाव
जीत
चुके
हैं। इस
सीट
पर
पिछले
लोकसभा
चुनाव
की
बात
करें
तो
2019
के
लोकसभा
चुनाव
में
कांग्रेस
के
शैलेंद्र
रमेश
चंद्र
पटेल
को
भारतीय
जनता
पार्टी
के
रमाकांत
भार्गव
ने
लगभग
50000
वोटों
के
अंतर
से
हराते
हुए
करीब
85000
वोट
प्राप्त
करे
थे।
वहीं,
इस
सीट
पर
बसपा
को
भी
पिछले
लोकसभा
चुनाव
में
लगभग
14000
वोट
मिले
थे।
बता
दें
कि विदिशा
की
लोकसभा
सीट
में
कुल
आठ
विधानसभा
आती
हैं,
जिनमें
भोजपुर,
विदिशा,
इच्छावर,
सांची,
बासौदा,
खातेगांव,
सिलवनी
और
बुधनी।
तो
वहीं
इन
आठ
विधानसभा
सीटों
में
से
7
सीटों
पर
बीजेपी
का
कब्जा
बना
हुआ
है
और
कांग्रेस
के
खाते
में
मात्र
एक
विधानसभा
सीट
आई
है।
विदिशा
में
शुक्रवार
को
यहां
इस
समय
होंगे
कार्यक्रम
सुबह
8
बजे
चाय
पर
चर्चा
स्थान:
माधवगंज
चौक,
विदिशा
संपर्क:
अमित
रायकवार
दोपहर
1
बजे
युवाओं
से
संवाद
स्थान:
खेल
स्टेडियम,विदिशा
संपर्क:
अमित
रायकवार
शाम
5
बजे
राजनेताओं
से
चर्चा
स्थान:
माधवगंज
चौक,
विदिशा
संपर्क:
अमित
रायकवार
इस
विशेष
कवरेज
को
आप
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देख
सकेंगे
amarujala.com,
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