
मध्यप्रदेश
में
लगातार
बारिश
का
दौर
चल
रहा
है।
कई
जिलों
में
भारी
बारिश
से
नदियां
उफान
पर
है।
बुधवार
को
30
से
ज्यादा
जिलों
में
बारिश
का
दौर
चला।
गुरुवार
को
14
जिलों
में
अति
भारी
और
22
जिलों
में
भारी
बारिश
होने
का
अलर्ट
है।
प्रदेश
में
पिछले
एक
सप्ताह
से
तेज
बारिश
का
दौर
चल
रहा
है।
मंडला,
नरसिंहपुर,
उमरिया,
शिवपुरी
समेत
कई
जिलों
में
बाढ़
की
स्थिति
है।
मंडला
में
नर्मदा
खतरे
के
निशान
के
ऊपर
बह
रही
है।
इसके
चलते
पुल-पुलियाओं
के
ऊपर
से
पानी
बह
रहा
है
और
रास्ते
बंद
हो
गए
हैं।
24
घंटे
में
गिर
सकता
है
8
इंच
पानी
मौसम
विभाग
के
अनुसार,
गुरुवार
को
जबलपुर,
नर्मदापुरम,
बैतूल,
नरसिंहपुर,
छिंदवाड़ा,
पांढुर्णा,
सिवनी,
दमोह,
मंडला,
बालाघाट,
डिंडौरी,
उमरिया,
शहडोल
और
अनूपपुर
में
अति
भारी
बारिश
होने
का
अलर्ट
है।
इन
जिलों
में
24
घंटे
में
8
इंच
तक
पानी
गिरने
की
संभावना
है।
वहीं,
ग्वालियर,
श्योपुर,
मुरैना,
भिंड,
दतिया,
शिवपुरी,
अशोकनगर,
विदिशा,
सीहोर,
रायसेन,
सागर,
निवाड़ी,
टीकमगढ़,
छतरपुर,
पन्ना,
कटनी,
सतना,
मैहर,
रीवा,
मऊगंज,
सीधी
और
सिंगरौली
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
यहां
अगले
24
घंटे
के
दौरान
ढाई
से
साढ़े
4
इंच
तक
पानी
गिर
सकता
है।
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दमोह
में
9
घंटे
में
गिरा
4
इंच
पानी
प्रदेश
में
बुधवार
को
भी
तेज
बारिश
का
दौर
जारी
रहा।
30
से
ज्यादा
जिलों
में
बारिश
हुई।
दमोह
में
9
घंटे
के
दौरान
करीब
4
इंच
पानी
गिर
गया।
शिवपुरी
में
3
इंच,
छतरपुर
के
नौगांव-सतना
में
1.8
इंच
और
सीधी
में
पौन
इंच
बारिश
हुई।
बैतूल,
दतिया,
इंदौर,
छिंदवाड़ा,
जबलपुर,
खजुराहो,
रीवा,
सागर,
उमरिया,
बालाघाट,
कटनी,
मैहर,
टीकमगढ़,
सीहोर,
अशोकनगर,
विदिशा,
मुरैना
में
भी
बारिश
का
दौर
चलता
रहा।
भोपाल
में
दिन
में
आसमान
साफ
रहा,
लेकिन
रात
में
हल्की
बारिश
हुई।
प्रदेश
के
कई
जिलों
में
मौसम
का
मिजाज
बदला
रहा।
24
घंटे
में
गिर
सकता
है
8
इंच
पानी
मौसम
विभाग
के
अनुसार,
गुरुवार
को
जबलपुर,
नर्मदापुरम,
बैतूल,
नरसिंहपुर,
छिंदवाड़ा,
पांढुर्णा,
सिवनी,
दमोह,
मंडला,
बालाघाट,
डिंडौरी,
उमरिया,
शहडोल
और
अनूपपुर
में
अति
भारी
बारिश
होने
का
अलर्ट
है।
इन
जिलों
में
24
घंटे
में
8
इंच
तक
पानी
गिरने
की
संभावना
है।
वहीं,
ग्वालियर,
श्योपुर,
मुरैना,
भिंड,
दतिया,
शिवपुरी,
अशोकनगर,
विदिशा,
सीहोर,
रायसेन,
सागर,
निवाड़ी,
टीकमगढ़,
छतरपुर,
पन्ना,
कटनी,
सतना,
मैहर,
रीवा,
मऊगंज,
सीधी
और
सिंगरौली
में
भारी
बारिश
का
अलर्ट
है।
यहां
अगले
24
घंटे
के
दौरान
ढाई
से
साढ़े
4
इंच
तक
पानी
गिर
सकता
है।
यह
भी
पढ़ें-डाउ
केमिकल्स
पर
मुकदमा
चलाने
की
अपील
पर
कोर्ट
में
हुई
सुनवाई,
23
अगस्त
को
अगली
तारीख
साइक्लोनिक
सकुर्लेशन
सिस्टम
भी
एक्टिव
मौसम
विभाग
की
सीनियर
वैज्ञानिक
डॉ.
दिव्या
ई.
सुरेंद्रन
ने
बताया
कि
प्रदेश
में
दो
ट्रफ
का
असर
है।
वहीं,
साइक्लोनिक
सकुर्लेशन
सिस्टम
भी
एक्टिव
है।
इन
वजहों
से
अति
भारी
या
भारी
बारिश
हो
रही
है।
लो
प्रेशर
एरिया
(कम
दवाब
का
क्षेत्र)
की
एक्टिविटी
अगले
कुछ
दिन
में
देखने
को
मिलेगी।
इससे
बारिश
का
दौर
जारी
रहेगा।
अगले
4
दिन
13
जुलाई
तक
होगी
बारिश
मौसम
विभाग
के
अनुसार,
अगले
चार
दिन
यानी,
13
जुलाई
तक
प्रदेश
के
ज्यादातर
हिस्से
में
तेज
बारिश
का
दौर
रहेगा।
12
जुलाई
को
मालवा-निमाड़
यानी,
इंदौर
और
उज्जैन
संभाग
में
भी
तेज
बारिश
होने
का
अनुमान
है।
इस
मानसून
इन
दोनों
संभागों
में
कम
बारिश
हुई
है।
बता
दें
कि
इस
बार
देश
में
मानसून
8
दिन
पहले
ही
आ
गया
था।
वहीं,
महाराष्ट्र,
छत्तीसगढ़
समेत
कई
राज्यों
में
यह
तय
समय
से
पहले
पहुंच
गया।
ऐसे
में
अनुमान
था
कि
मध्यप्रदेश
में
यह
जून
के
पहले
सप्ताह
में
ही
आ
जाएगा,
लेकिन
ऐसा
नहीं
हुआ।
पिछले
15
दिन
से
मानसून
महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़
में
एक
ही
जगह
पर
ठहरा
रहा।
इस
वजह
से
एमपी
में
इसकी
एंट्री
नहीं
हो
पाई।
13-14
जून
को
मानसून
आगे
बढ़ा।
बावजूद
यह
प्रदेश
में
1
दिन
लेट
16
जून
को
पहुंचा।
हालांकि,
5
दिन
में
ही
मानसून
ने
पूरे
प्रदेश
को
कवर
कर
लिया।