कामलनाथ
–
फोटो
:
SOCIAL
MEDIA
विस्तार
टाइगर
स्टेट
के
नाम
से
प्रसिद्ध
मध्यप्रदेश
में
बाघों
की
स्थित
को
लेकर
बड़ा
खुलासा
हुआ
है।
वन
विभाग
की
कमेटी
में
बताया
गया
कि
बाघों
की
मौत
के
मामले
में
एमपी
नम्बर
वन
बन
गया
है।
पिछले
6
महीनों
में
कुल
26
बाघों
की
मौत
हुई
जिसमे
अकेले
12
मौते
बांधवगढ़
टाइगर
रिजर्व
में
हुई
है।
जिसके
बाद
प्रदेश
में
सियासत
शुरू
हो
गई
है।
पूर्व
मुख्यमंत्री
कमलनाथ
ने
एक्स
पर
ट्वीट
कर
जांच
की
मांग
की
है।
देश
में
कुल
बाघों
की
मौत
का
30%
अकड़ा
अकेले
मध्यप्रदेश
में
पूर्व
सीएम
कमलनाथ
ने
ट्वीट
कर
लिखा
कि,
मध्यप्रदेश
वन्य
प्राणियों
के
लिये
भी
असुरक्षित
प्रदेश
बनता
जा
रहा
है।
टाइगर
स्टेट
मध्यप्रदेश
में
पिछले
6
महीनों
में
23
बाघों
की
मौत
हुई
है,
जिसमें
से
अकेले
बांधवगढ
में
12
बाघों
की
मौत
हुई
है।
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विज्ञापन
आगे
उन्होंने
लिखा
कि
वर्ष
2024
में
देश
में
अब
तक
कुल
75
बाघों
की
मौत
हुई
है
जिसमें
अकेले
मध्यप्रदेश
में
23
बाघों
की
मौत
हुई
है।
देश
में
कुल
बाघों
की
मौत
का
30%
अकड़ा
अकेले
मध्यप्रदेश
से
है।
बांधवगढ
में
शिकारियों
और
अंतरराष्ट्रीय
तस्करों
की
साठगांठ
नाथ
ने
आगे
लिखा
कि
बताया
जा
रहा
है
कि
बांधवगढ
में
शिकारियों
और
अंतरराष्ट्रीय
तस्करों
की
सांठगांठ
से
बाघों
की
मौत
का
घिनौना
खेल
खेला
जा
रहा
है।
वन
विभाग
को
कुछ
शिकारियों
के
खातों
में
अंतरराष्ट्रीय
लेनदेन
के
भी
सबूत
मिले
हैं।
हम
बाघों
की
मौत
के
मामले
में
पूरे
देश
में
नंबर
वन
आ
चुके
हैं,
बावजूद
इसके
सरकार
कोई
भी
ठोस
कदम
उठाने
में
नाकाम
साबित
हुई
है।
सरकार
की
उदासीनता
से
तस्करों
की
मौज
नाथ
ने
लिखा
कि
सरकार
की
उदासीनता
से
जहां
तस्करों
की
मौज
हो
रही
है,
वहीं
वन्य
जीवों
का
जीवन
संकट
में
आ
गया
है।
पूर्व
मुख्यमंत्री
कमलनाथ
ने
लिखा
कि
मै
सरकार
से
मांग
करता
हूं
कि
बाघों
की
असमान्य
मौतों
को
गंभीरता
से
लें
और
शिकारियों
एवं
तस्करों
की
भूमिका
की
जांच
कर
अपराधियों
को
कड़ी
सजा
दिलाने
की
पहल
करें।