लाल बत्‍ती, ओबीसी सर्टिफ‍िकेट और वीआईपी डिमांड…IAS पूजा खेडकर के क‍ितने राज, अब केंद्र भी करेगा जांच

लाल बत्‍ती, ओबीसी सर्टिफ‍िकेट और वीआईपी डिमांड…IAS पूजा खेडकर के क‍ितने राज, अब केंद्र भी करेगा जांच

पुणे
की
ट्रेनी
IAS
अफसर
पूजा
खेडकर
इन
दिनों
विवादों
में
हैं.
उन
पर
अपने
पद
का
दुरुपयोग
करने
के
गंभीर
आरोप
लगे
हैं.
कहा
जा
रहा
है
क‍ि
उन्‍होंने
अपनी
प्राइवेट
ऑडी
कार
पर
लाल
बत्‍ती
लगवाई.
वीआईपी
नंबर
प्‍लेट
लिया
और
‘महाराष्‍ट्र
सरकार’
लिखा
स्‍ट‍िकर
भी
कार
पर
लगाई.
उनका
एक
मैसेज
वायरल
हो
रहा
है,
जिसे
वे
अपने
मातहत
अध‍िकार‍ियों
से
ऐसी
VIP
चीजें
मांग
रही
हैं,
जो
क‍िसी
ट्रेनी
आईएएस
अफसर
को
नहीं
दी
जातीं.
आख‍िर
IAS
पूजा
खेडकर
के
क‍ितने
राज?
अब
केंद्र
सरकार
ने
मामले
की
जांच
के
ल‍िए
एक
कमेटी
का
ऐलान
कर
दिया
है.
केंद्र
सरकार
के
अतिरिक्त
सचिव
स्तर
के
एक
वरिष्ठ
अधिकारी
की
अध्यक्षता
में
एक
सदस्यीय
कमेटी
उनके
दावों
की
जांच
करेगी
और
2
हफ्ते
में
रिपोर्ट
देगी.
इसके
बाद
कार्रवाई
की
जा
सकती
है.


अफसर
से
नेता
बने
दिलीप
खेडकर
की
बेटी

पूजा
खेडकर
महाराष्‍ट्र
सरकार
में
अफसर
रहे
दिलीप
खेडकर
की
बेटी
हैं.
रिटायरमेंट
के
बाद
दिलीप
खेडकर
राजनीत‍ि
में

गए.
बीते
लोकसभा
चुनाव
में
वंचित
बहुजन
अघाड़ी
के
टिकट
पर
अहमदनगर
सीट
से
उन्‍होंने
चुनाव
भी
लड़ा,
लेकिन
जीत
नहीं
पाए.
पूजा
तब
चर्चा
में
आईं,
जब
अचानक
उनका
तबादला
पुणे
से
वाश‍िम
कर
द‍िया
गया.
क्‍योंक‍ि
पुणे
के
कलेक्‍टर
सुहास
दिवासे
ने
मुख्‍य
सच‍िव
को
एक
च‍िट्ठी
ल‍िखी,
जिसमें
उनपर
कई
आरोप
लगाए
गए.
जब
ये
पूरा
मामला
सामने
आया,
तो
लोग
सुनकर
दंग
रह
गए
क‍ि
एक
ट्रेनी
आईएएस
अफसर
की
चाहत
क्‍या
क्‍या
है.


देख‍िए
कैसे-कैसे
आरोप

  1. पूजा
    खेडकर
    ओबीसी
    कैटेगरी
    से
    आईएएस
    अफसर
    बनी
    हैं.
    उनके
    इनकम
    और
    नॉन-क्रीमी
    लेयर
    सर्टिफिकेट
    को
    लेकर
    सवाल
    उठ
    रहे
    हैं.
    कहा
    जा
    रहा
    है
    क‍ि
    उन्‍होंने
    दृष्टि
    और
    मानसिक
    विकलांगता
    को
    लेकर
    गलत
    जानकारी
    दी.
  2. पूजा
    खेडकर
    ने
    अपनी
    ऑडी
    कार
    पर
    अवैध
    रूप
    से
    लाल
    बत्‍ती
    लगवाई.
    कार
    पर
    ‘महाराष्ट्र
    सरकार’
    लिखा
    साइनबोर्ड
    भी
    लगाया.
    पुलिस
    इसकी
    भी
    जांच
    करेगी.
    निजी
    कार
    में
    महाराष्ट्र
    सरकार
    लिखना
    गैरकानूनी
    है.
  3. पुणे
    पुलिस
    के
    वरिष्ठ
    अधिकारी
    शफील
    पठान
    ने
    बताया
    क‍ि
    पूजा
    की
    कार
    ने
    21
    बार
    ट्रैफ‍िक
    रूल्‍स
    तोड़े.
    उस
    पर
    21
    चालान
    लंबित
    हैं.
    21
    हजार
    रुपये
    का
    जुर्माना
    भी
    है.
    हम
    व्‍हाट्सएप
    पर
    नोटिस
    भेजेंगे
    और
    संपर्क
    करने
    की
    कोश‍िश
    करेंगे.
  4. पूजा
    पर
    आरोप
    है
    क‍ि
    ज्‍वाइन‍िंग
    से
    पहले
    ही
    उन्‍होंने
    उप
    जिलाअधिकारी
    और
    जिलाधिकारी
    को
    व्हाट्सएप
    मैसेज
    भेजकर
    सेपरेट
    केबिन,
    गाड़ी,
    रहने
    के
    ल‍िए
    आवास
    और
    सुरक्षा
    के
    ल‍िए
    सिपाही
    तैनात
    करने
    की
    मांग
    की.
  5. जॉइनिंग
    के
    दिन
    पूजा
    खेड़कर
    ने
    फिर
    अपनी
    मांग
    अफसरों
    के
    सामने
    दोहराई.
    तब
    अफसरों
    ने
    उन्‍हें
    बताया
    क‍ि
    प्रोबेशनरी
    आईएएस
    ऑफिसर
    के
    लिए
    अलग
    से
    केबिन
    ,गाड़ी
    और
    सिपाही
    नहीं
    दी
    जाती.
    हालांक,
    उनके
    रहने
    का
    इंतजाम
    किया
    जाएगा.
  6. अफसरों
    ने
    उन्‍हें
    सेपरेट
    केबिन
    भी
    मुहैया
    कराई,
    लेकिन
    बाथरूम
    अटैच

    होने
    के
    कारण
    उन्‍होंने
    उस
    केबिन
    में
    रहने
    से
    मना
    कर
    द‍िया.
    फ‍िर
    अपने
    पिता
    के
    साथ
    दफ्तर
    आईं
    और
    पूरी
    बिल्‍ड‍िंंग
    का
    मुआयना
    करने
    लगीं.
    इस
    दौरान
    उन्‍होंने
    चौथी
    मंज‍िल
    पर
    एक
    अटैच
    बॉथरूम
    वाला
    VIP
    केबिन
    ढूंढ
    न‍िकाला.
  7. कुछ
    द‍िनों
    बाद
    उन्‍होंने
    कहा
    क‍ि
    मेरे
    बैठने
    की
    व्यवस्था
    जिला
    अधिकारी
    के
    बगल
    के
    केबिन
    में
    करो
    या
    फिर
    अपर
    जिला
    अधिकारी
    के
    कार्यालय
    में.
    अगले
    द‍िन
    वे
    फ‍िर
    अपने
    पिता
    के
    साथ
    दफ्तर
    पहुंचीं
    और
    कई
    निर्देश
    दिए.
  8. आरोप
    ये
    भी
    है
    क‍ि
    18
    जून
    2024
    से
    20
    जून
    2024
    के
    बीच
    जब
    अपर
    ज‍िलाध‍िकारी
    मुंबई
    में
    थे,
    तो
    पूजा
    ने
    उनके
    एंटी
    चेंबर
    से
    उनका
    कुर्सी
    टेबल
    सोफा
    बाहर
    निकाल
    दिया.
    रेवेन्यू
    सहायक
    को
    बुलाकर
    अपना
    लेटर
    हेड
    ,विजिटिंग
    कार्ड,
    पेपर
    वेट
    ,राष्ट्रध्वज,
    नेम
    प्लेट
    ,कंप्यूटर
    ,
    इंटरकॉम
    फोन
    प्रिंटर
    और
    टेबल
    कुर्सी
    उपलब्ध
    कराने
    को
    कहा.


पूजा
का
भी
आया
जवाब

इन
सभी
आरोपों
पर
पूजा
खेडकर
ने
प्रत‍िक्रिया
दी
है.
जब
उनसे
इस
बारे
में
पूछा
गया
तो
उन्‍होंने
कहा,
मैं
आपको
कुछ
नहीं
बता
सकती,
सरकार
ने
मुझे
इस
मामले
में
कुछ
भी
कहने
की
इजाजत
नहीं
दी
है.
मैं
वाशिम
से
जुड़कर
खुश
हूं
और
मुझे
अब
से
वाशिम
के
साथ
काम
करना
अच्छा
लगेगा.
इसके
बाद
वह
वहां
से
चली
गईं.
बता
दें
क‍ि
पूजा
का
ट्रांसफर
पुणे
से
वाश‍िम
कर
दिया
गया
है.

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